बिनाका गीतमाला फाइनल में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के गीतो की वर्षवार सूची / स्थिति

बिनाका गीतमाला फाइनल में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के गीतो की वर्षवार सूची/स्थिति साप्ताहिक उलटी गिनती कार्यक्रम जिसे “बिनाका गीतमाला” कहा जाता था अपने समय का सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध संगीत रेडियो कार्यक्रम था । इसका पहला प्रसारण 1953 में रेडियो सीलोन द्वारा किया गया था और इसके मेजबान अमीन सयानी थे। बिनाका गीत माला ने चुनिंदा शहरों… Continue reading बिनाका गीतमाला फाइनल में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के गीतो की वर्षवार सूची / स्थिति

अतुलनीय अमिताभ बच्चन और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का सूमधुर संगीत 

 अतुलनीय अमिताभ बच्चन और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का सूमधुर संगीत  अमिताभ बच्चन और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का जुड़ाव फिल्म “रस्ते का पत्थर”, 1972, से शुरू हुआ और फिल्म “खुदा गवाह”, 1992 तक चला। इन 20 वर्षों में हमने अमिताभ के लिए लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित कई यादगार हिट गीतों का आनंद लिया है।  लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और अमिताभ बच्चन की… Continue reading अतुलनीय अमिताभ बच्चन और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का सूमधुर संगीत 

कब और कैसे ? मैं लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत का “फैन” बना.

कब और कैसे ? मैं लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत का “फैन” बना.  साल 1963 था, मैं 8 साल की उम्र में ग्वालियर में पढ़ रहा था, एक ऐसे ब्राम्हण परिवार में पला बड़ा हुआ जो पौराणिक फिल्मों को छोड़कर फिल्में देखने की अनुमति नहीं देता था. वही समय अवधि जब ‘हरिश्चंद्र तारामती’ और ‘संत ज्ञानेश्वर’ हर… Continue reading कब और कैसे ? मैं लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत का “फैन” बना.

लता मंगेशकर – मोहम्मद रफ़ी / लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, सम्मोहक तराने

लता मंगेशकर – मोहम्मद रफ़ी / लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, सम्मोहक तराने 1963 में अपनी पहली फिल्म “पारसमणि” से ही, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दो महान गायकों, मोहम्मद रफ़ी – लता मंगेशकर के साथ कुछ शानदार युगल गीतों की रचना की है।  मोहम्मद रफी ने संगीत निर्देशकों लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के तहत सबसे ज्यादा 379 गाने गाए हैं, जिनमें 183 एकल शामिल… Continue reading लता मंगेशकर – मोहम्मद रफ़ी / लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, सम्मोहक तराने

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और अभिनेता / अभिनेत्री की सिग्नेचर ट्यून्स (सांकेतिक धुने)

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और अभिनेता / अभिनेत्री की सिग्नेचर ट्यून्स (सांकेतिक धुने)  संगीत निर्देशक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने ऐसे कई लोकप्रिय गीतों की रचना की है, जिससे फिल्मों को हिट होने के साथ-साथ फिल्म अभिनेताओं / अभिनेत्रियों की लोकप्रियता में वृद्धि हुई है। 1969 में “दो रास्ते” के लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जादुई सुपरहिट गीत, ‘बिंदिया चमके गी ‘ ने मुमताज को… Continue reading लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और अभिनेता / अभिनेत्री की सिग्नेचर ट्यून्स (सांकेतिक धुने)

किशोर कुमार और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल एक बेहतरीन तिकड़ी

किशोर कुमार और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल 1964 में निर्देशक शांतिलाल सोनी, किशोर कुमार और कुमकुम अभिनीत “मिस्टर एक्स इन बॉम्बे” बना रहे थे। जाहिर है, एक गायक के रूप में किशोर कुमार ही “मि. एक्स इन बॉम्बे” के गाने गाएंगे. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इससे पहले  बी ग्रेड फिल्मे  “पारसमणि”, “हरिश्चंद्र तारामती”, “सती सावित्री”, “संत ज्ञानेश्वर” और “दोस्ती” की… Continue reading किशोर कुमार और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल एक बेहतरीन तिकड़ी

Mellifluous Use of FLUTE : Laxmikant-Pyarelal Canorous Orchestra

Mellifluous Use of  FLUTE :  Laxmikant-Pyarelal Canorous Orchestra  Hindi Film Music orchestra is full of various musical instruments. FLUTE is the most commonly used in most of the songs. Any devotional song featured the FLUTE. But there are also several songs in which the Flute is used in various ways.  Flute is a natural fit… Continue reading Mellifluous Use of FLUTE : Laxmikant-Pyarelal Canorous Orchestra

Nationalistic Canticle and Laxmikant-Pyarelal Music

Nationalistic Canticle and  Laxmikant-Pyarelal Music India is celebrating #72Republicday today. Laxmikant-Pyarelal have composed some phenomenal nationalistic canticles.  — Pyar Baantate Chalo Ky Hindy Kya     “Hum Sab Ustad Hai” (1965) (Kishore Kumar        Asad Bhopali) One of the rarest of rare Patriotic songs sung by Kishore Kumar. Laxmikant-Pyarelal have composed this song… Continue reading Nationalistic Canticle and Laxmikant-Pyarelal Music

Laxmikant-Pyarelal :: Songs Composed In Indian Classical Raga

Laxmikant-Pyarelal :: Songs Composed In Indian Classical Raga  Laxmikant-Pyarelal has given a variety of music, in accordance with the change of time and the situation demanded. In the process, the duo has also composed some beautiful melodies in Indiana Classical Ragas.  Just for easy purpose only some of the selected songs are considered and are… Continue reading Laxmikant-Pyarelal :: Songs Composed In Indian Classical Raga